क्या आपने कभी सोचा है ? - आशा संगठान

क्या इस देश के नौजवान राजनीति के कूड़ेदान है ? हिन्दुस्तान की सरकारें नही चाहती कि किसी को अच्छी शिक्षा मिले? किसी को रोजगार मिले?
ग्रामीण भारत में 54% बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते है जिन स्कूलों की देख-रेख हिन्दुस्तान के राजनेता (मुखिया ,विधायक,सांसद,मंत्री और प्रधानमंत्री ) करते है । फिर इस देश के राजनेता अपनें बच्चों (आश्रितों ) को उस स्कूल में क्यों नहीं पढ़ाते ? जिन स्कूलों की वो खुद देख-रेख करते है ? इसका मतलब जो शिक्षा आप दूसरों को दे रहे है और खुद नहीं ले रहे है । इसका मतलब वो शिक्षा खराब है ।
 यदि आपको लगता है यह सवाल सही है तो  आप हमसे जुड़ सकते है ।
चलो आशा के साथ
आशा संगठान 
Ravi pal - (9761880779)
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