एक सामाजिक-राजनैतिक सँगठन का निर्माण - Ravi Pal

"आम आवाज़ शक्तिवर्धन अभियान" (AASHA) नाम से एक सामाजिक-राजनैतिक सँगठन का निर्माण किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य सामाजिक-राजनैतिक बुराइयों को समाप्त कर एक समतामूलक देश का निर्माण करना है। ताकि हर एक भारतीये को सामान अवसर एवम् सम्मान मिल सके। राजनीती में अयोग्य तथा अपराधी प्रवॄति के व्यक्तियों का प्रवेश रोकना भी है ताकि सच्चे देशभक्त, समाजसेवी और योग्य लोगों को राजनीती आकर्षित कर सके।
संगठन अपने अनेक कार्यक्रमों में से एक अति महवपूर्ण कार्यक्रम "शिक्षा में समानता" का सुभारम्भ करने जा रही है। जिसके अंतर्गत देशभर में सभी सरकारी अधिकारियों तथा राजनीतिज्ञों के आश्रितों को सरकारी विद्यालय में पढ़ना अनिवार्य कराना है।

संगठन विनम्रता पूर्वक देश के तमाम अधिकारियों एवम् राजनीतिज्ञों अर्थात सरकार से यह जानना चाहती है कि जो शिक्षा व्यवस्था के आप संचालक और व्यवस्थापक है, जिसे आप आम जनता के लिये उपयुक्त और प्रयाप्त समझते है वो आप अपने बच्चों को क्यू नही देते? क्यू आप अपने बच्चों के लिये निजी संस्थानों को प्राथमिकता देते हैं?
क्या आप यह मानते हैं कि सरकारी शिक्षा या शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता ठीक नही है?
या यह कि आप अलग या प्रथम श्रेणी के इंसान है। अतः आपके बच्चे को श्रेष्ठ या अलग प्रकार की शिक्षा की आवश्यकता है, बाकि आम नागरिक दोयम दर्जे की है, जिनके लिये आप दोयम दर्जे की व्यवस्था चलाते हैं?
यह भी बताने का कष्ट करें देश में तरह-तरह पाठ्यक्रम, बोर्ड, कॉउंसिल या विश्वविद्यालय (निकृष्टम से उत्कृष्टम गुणवत्ता वाले) बनाने के पीछे आपका उद्देश्य क्या है? कहीं इसके पीछे आमलोगों को अशिक्षित और बेरोजगार बनाने का साजिश तो नही है?
सँगठन अपने उपर्युक्त उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु देश भर से योग्य नेतृत्व को आमंत्रित करता हैं।
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